राजस्थान सरकार
कार्मिक ( क ग्रुप-2) विभाग

अधिसूचना

सं. एफ. 1 ( 3 ) डीओपी / ए-II/2021 जयपुर, दिनांक: 26/7/2022

भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राजस्थान के राज्यपाल, राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ ) सेवा के पदों पर भर्ती तथा उसमें नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों को विनियमित करने के लिए, इसके द्वारा निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्:

भाग- 1
साधारण

1- संक्षिप्त नाम, प्रारंभ और लागू होना.-
(1) इन नियमों का नाम राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम, 2021 है।
(2) ये राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
(3) ये नियम, राजस्थान अनुसूचित क्षेत्र अधीनस्थ, लिपिकवर्गीय और चतुर्थ श्रेणी सेवा (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्ते) नियम, 2014 द्वारा शासित पदों पर, उन नियमों में यथा उपबंधित के सिवाय, लागू नहीं होंगे।

2-परिभाषाएं- जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इन नियमों में-

(क) “नियुक्ति प्राधिकारी” से, राज्य सेवा में सम्मिलित पदों के संबंध में सरकार और ऐसा अन्य अधिकारी, जिसे सरकार द्वारा ऐसी शर्तों पर जो वह उचित समझे, विशेष या साधारण आदेश द्वारा इस निमित्त शक्तियां प्रत्यायोजित की जायें, अभिप्रेत है और अधीनस्थ सेवा में सम्मिलित पदों के संबंध में निदेशक, माध्यमिक शिक्षा या, यथास्थिति, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अभिप्रेत है तथा इसमें ऐसा अन्य अधिकारी या प्राधिकारी सम्मिलित है जिसे सरकार के अनुमोदन से निदेशक द्वारा नियुक्ति प्राधिकारी की शक्तियों के प्रयोग और उसके कृत्यों को करने के लिए विशेष रूप से सशक्त किया जाये :
(ख) “बोर्ड” से राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अभिप्रेत है;
(ग) “आयोग” से राजस्थान लोक सेवा आयोग अभिप्रेत है;
(घ) “समिति” से नियम 31 के अधीन गठित समिति अभिप्रेत है ;
(ङ) “विभाग” से माध्यमिक / प्रारंभिक शिक्षा विभाग अभिप्रेत है;
(च) “निदेशक” से निदेशक, माध्यमिक शिक्षा या यथास्थिति, निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा, राजस्थान अभिप्रेत है :
(छ) “सीधी भर्ती” से इन नियमों के भाग 4 में विहित प्रक्रिया के अनुसार की गयी भर्ती अभिप्रेत है;
(ज) “सरकार” से राजस्थान सरकार अभिप्रेत है;
(झ) “सेवा का सदस्य” से इन नियमों या इन नियमों द्वारा अतिष्ठित नियमों या आदेशों के उपबंधों के अधीन नियमित चयन के आधार पर सेवा किसी पद पर नियुक्त किया गया कोई व्यक्ति अभिप्रेत है;
(ञ) “अनुसूची” से इन नियमों से संलग्न अनुसूची अभिप्रेत है;
(ट) “विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा विभाग या माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन चालू समस्त विद्यालय अभिप्रेत हैं;
(ठ) “सेवा” से राजस्थान शिक्षा सेवा या, यथास्थिति, राजस्थान शिक्षा अधीनस्थ सेवा, अभिप्रेत है;
(ड) “सेवा” या “अनुभव” जहां कहीं भी इन नियमों में उच्चतर पद पर पदोन्नति के लिए पात्र कोई निम्नतर पद धारण करने वाले व्यक्ति की दशा में एक सेवा से दूसरी सेवा में या सेवा के भीतर एक प्रवर्ग से दूसरे प्रवर्ग में या वरिष्ठ पदों पर पदोन्नति के लिए एक शर्त के रूप में विहित हो, उसमें ऐसी कालावधि सम्मिलित होगी, जिसके लिए उस व्यक्ति ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक के अधीन प्रख्यापित नियमों के उपबंधों के अनुसार नियमित चयन के पश्चात् ऐसे निम्नतर पद पर निरन्तर कार्य किया हो।
टिप्पण: सेवा के दौरान की ऐसी अनुपस्थिति उदाहरणार्थ प्रशिक्षण, छुट्टी और प्रतिनियुक्ति इत्यादि, जो राजस्थान सेवा नियम, 1951 के अधीन” ड्यूटी” के रूप में मानी जाती है, पदोन्नति के लिए अपेक्षित अनुभव या सेवा की संगणना करने के लिए सेवा के रूप में भी गिनी जायेगी;
(ढ) “राज्य” से राजस्थान राज्य अभिप्रेत है;
(ण) “अधिष्ठायी नियुक्ति” से इन नियमों के अधीन विहित भर्ती की किसी भी रीति से सम्यक् चयन के पश्चात् किसी अधिष्ठायी रिक्ति पर इन नियमों के उपबंधों के अधीन की गयी नियुक्ति अभिप्रेत है और इसमें परिवीक्षा पर या परिवीक्षाधीन–प्रशिक्षणार्थी के रूप में की गयी कोई नियुक्ति सम्मिलित है जिस पर परिवीक्षाकाल की समाप्ति के पश्चात् स्थायीकरण किया जाता हो:

टिप्पण: इन नियमों के अधीन विहित भर्ती की किसी भी रीति से सम्यक् चयन में अर्जेण्ट अस्थायी नियुक्ति के सिवाय, या तो नियम 5 के अनुसार सेवा के प्रारम्भिक गठन पर की गयी, या भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक के अधीन प्रख्यापित किन्हीं भी नियमों के उपबंधों के अनुसार की गयी, भर्ती सम्मिलित होगी; और

(प) “वर्ष” से वित्तीय वर्ष अभिप्रेत है।

3-निर्वचन- जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, राजस्थान साधारण खण्ड अधिनियम, 1955 (1955 का अधिनियम सं. 8) इन नियमों के निर्वचन के लिए उसी प्रकार लागू होगा, जिस प्रकार वह किसी राजस्थान अधिनियम के निर्वचन के लिए लागू होता है ।