उप प्रधानाचार्य ( एल-14) पद के उत्तरदायित्व एवं कार्य निर्धारण

राजस्थान सरकार
शिक्षा (ग्रुप-1) विभाग

क्रमांक प. 22 (6) शिक्षा-1/ उप प्रधानाचार्य / 2021 जयपुर, दिनांक 22-07-2022

उप प्रधानाचार्य ( एल-14) पद के उत्तरदायित्व एवं कार्य निर्धारण

शिक्षा की गुणवत्ता के मद्देनजर शैक्षिक परिवीक्षण तंत्र को सुदृढ़ करने एवं शिक्षा प्रशासन का शैक्षिक कार्यों के सुचारू संचालन एवं संचालन में कार्य कुशलता अभिवृद्धि की प्रत्याशा हेतु राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ सेवा (दूसरा संशोधन) नियम 2022 में संवर्गित उप प्रधााचार्य पद हेतु पद के दायित्व मानदण्ड एवं कार्य निर्धारण किया जाता है। विद्यालय के समस्त प्रशासनिक निर्णय हेतु प्राचार्य दायित्वबद्ध रहेंगे। प्राचार्य के सहयोग हेतु उक्त तथ्यों के मद्देनजर उप प्राचार्य विद्यालय में कार्यरत प्राचार्य के नियंत्रण / मातहत रहते हुए विद्यालयों के अपेक्षित कार्यों में से उप प्राचार्य को निम्नलिखित दायित्व दिये जाते है:

1- कम से कम 18 कालांश प्रति सप्ताह का शिक्षण।
2- प्राचार्य की अनुपस्थिति (पद रिक्त / अवकाश यात्रा) की स्थिति में कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में विद्यालय के संचालन के समस्त दायित्वों का निर्वहन।
3- नामांकन कार्य व नामांकन लक्ष्यों की पूर्ति एवं ठहराव सुनिश्चित करते हुए विद्यालय क्षेत्राधिकार में ड्रॉप आउट को शून्य स्तर पर लाना।
4- प्रवेश सम्बन्धी सम्पूर्ण प्रक्रिया का संचालन एवं प्रवेश सम्बन्धी अभिलेख / शाला दर्पण अपडेशन पूर्ण करवाना।
5- विद्यालय समय सारणी (कक्षावार शिक्षकवार) का निर्माण करना एवं उसकी पालना करवाना।
6- विद्यालय योजना का निर्माण करना, SDMC से अनुमोदन करवाना एवं उसकी पालना करवाना।
7- प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन एवं प्रबोधन
8- प्रतिमाह कक्षा शिक्षण एवं गृहकार्य का परिवीक्षण (प्रति तीन माह में प्रत्येक शिक्षक के दो घोषित व दो अघोषित)।
9- स्थानीय परीक्षा / सामयिक परखों का संचालन।
10- शिक्षकों की दैन्दिनी (डायरी) का अवलोकन एवं सत्यापन ।
11- धूम्रपान निषेध अधिनियम (COTPA) के तहत विद्यालय परिसर के 100 मीटर परिधि के क्षेत्र में धूम्रपान मुक्त क्षेत्र बनाए रखने की सुनिश्चितता एवं वृक्षारोपण, स्वच्छ भारत, सेनेटरी नेपकिन योजना, शाला स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी कार्यों के पदेन प्रभारी रहेंगे तथा इन कार्यक्रमों के प्रावधानों की विद्यालय में लागू करने हेतु प्राचार्य को आवश्यक सहयोग प्रदान करना।
12- कक्षा 5, 8, 10 एवं 12 की बोर्ड परीक्षा परिणाम उन्नयन हेतु कार्य योजना बनाना एवं उसकी क्रियान्विति के लिए प्राचार्य का सहयोग करना।
13- कक्षा 5 व 8 के परीक्षा परिणाम हेतु उत्तरदायी रहेंगे।
14- विभाग द्वारा समय-समय पर आयोज्य विभिन्न प्रतियोगिताओं हेतु पूर्व तैयारी व उनके क्रियान्वयन का कार्य करना।
15- विभिन्न अकादमिक प्रतियोगिताओं यथा-विज्ञान मेला, कला उत्सव, बोर्ड सृजनात्मक प्रतियोगिताएं प्रतिभा खोज परीक्षाएं NMMS स्कॉलरशीप परीक्षा, इन्सपायर अवार्ड, वार्षिक उत्सव, बाल सभा व विभाग द्वारा समय-समय पर आयोज्य / निर्देशित विभिन्न गतिविधियों/ क्रियाकलापों इत्यादि में विद्यालय के विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करना।
16- मिड-डे मिल के तहत पोषाहार वितरण सम्बन्धी गतिविधियों का संचालन हेतु पदेन प्रभारी होंगे।
17- विभाग द्वारा ऑन लाईन पोर्टल शाला दर्पण अपडेशन, ऑनलाईन उपस्थिति, छात्रवृति पोर्टल एवं अन्य समस्त ऑन लाईन कार्य हेतु प्रभारी।
18- जो विद्यालय दो पारी में संचालित है, उन विद्यालयों में उप प्रधानाचार्य द्वितीय पारी (जिस पारी में कक्षा 5वीं एवं 8वीं का संचालन किया जा रहा है) के पदेन प्रभारी रहेंगे।
19- विद्यालय के कार्मिकों / शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश स्वीकृत कर सकेंगे।
20- SDMC में सदस्य के रूप में कार्य करते हुए बैठकों के आयोजन एवं उनमें पारित निर्णयों की पालना व रिकार्ड संधारण का कार्य करना।
21- प्राचार्य एवं उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर सौंपे गए समस्त कार्य करना।

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