माध्यमिक शिक्षा विभाग में कार्यरत संस्था प्रधानों के परीक्षा परिणाम/नामांकन लक्ष्य सम्बन्धी दायित्व (सन्दर्भ- श्रीमान निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर का परिपत्र क्रमांक-शिविरा/माध्य/निप्र/डी-1/2101/II/99-2000/53005 दिनांक-14.04.2016)


श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम– विद्यालय का कक्षा 10 एवं 12 के बोर्ड परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत अथवा उससे अधिक रहने पर तथा कक्षा आठवीं एवं पांचवी के परीक्षा परिणाम में 90 प्रतिशत या अधिक विद्यार्थियों द्वारा ग्रेड-ए प्राप्त करने पर संस्था प्रधान को विभाग द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। (विद्यालय के परीक्षा परिणाम में कक्षा 12 एवं 10 की बोर्ड परीक्षा परिणाम में से किसी एक अथवा दोनों के लिए एवं इसी प्रकार कक्षा 8 व 5 के परीक्षा परिणाम में किसी एक अथवा दोनों के लिए)

न्यून परीक्षा परिणाम- विद्यालय का कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत से न्यून एवं कक्षा 10 के बोर्ड परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत अथवा उससे न्यून रहने पर तथा कक्षा आठ एवं पांच के परीक्षा परिणाम में 50 प्रतिशत या अधिक विद्यार्थियों द्वारा ग्रेड-डी प्राप्त करने पर संस्था प्रधान के विरूद्ध विभाग द्वारा सीसीए नियम-17 के तहत कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। यदि विद्यालय का परीक्षा परिणाम किसी एक परीक्षा (कक्षा 12 एवं 10 में से एक अथवा कक्षा 8 में 5 में से एक) में उपयुक्त मानदण्ड अनुरूप श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम से हो, परन्तु दूसरी परीक्षा (कक्षा 12 एवं कक्षा 10 में से एक अथवा कक्षा पांच एवं आठ में से एक) में मानदंड से न्यून हो जिसके लिए उसे सीसीए-17 में नोटिस दिया जा रहा हो, तो श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम हेतु प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा।

नामांकन लक्ष्य सम्बन्धी दायित्व- राज्य के आदर्श विद्यालय में नामांकन कक्षा 1 से 5 के लिए 150, कक्षा 6 से 8 के लिए 105, कक्षा 9 से 10 में 100 तथा 11 से 12 में संकाय के अनुसार प्रति संकाय 60 छात्र संख्या अपेक्षित है। अन्य विद्यालयों में नामांकन कक्षा 1 से 5 के लिए 150 कक्षा 6 से 8 के लिए 105 कक्षा 9 से 10 में 80 तथा 11 से 12 में प्रति संकाय अनुसार 60 विद्यार्थी संख्या अपेक्षित है। विभाग द्वारा नामांकन के लिए सभी विद्यालयों के सत्र 2015-16 से सत्र 2017-18 तक के लिए निर्धारित किए गए थे जो विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। जिन विद्यालयों द्वारा उक्त नामांकन लक्ष्य की प्राप्ति नहीं की जाएगी उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी। इन नामांकन लक्ष्य प्राप्त नहीं करने वाले विद्यालयों को शेष नामांकन लक्ष्य वर्तमान सत्र में प्राप्त करना होगा।

माध्यमिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के परीक्षा परिणाम/नामांकन लक्ष्य सम्बन्धी दायित्व


श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम-शिक्षक का कक्षा 12 एवं 10 में अध्यापन किए जा रहे संबंधित विषय का बोर्ड परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहने पर तथा कक्षा आठ एवं पांच में अध्यापन किए जा रहे संबंधित विषय के परीक्षा परिणाम में 100 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा ग्रेड ए प्राप्त करने पर शिक्षक को विभाग द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। (विद्यालय के परीक्षा परिणाम में कक्षा 12 एवं 10 के बोर्ड परीक्षा परिणाम में से एक अथवा दोनों के लिए इसी प्रकार कक्षा 8 व 5 के परीक्षा परिणाम में किसी एक अथवा दोनों के लिए)

न्यून परीक्षा परिणाम-शिक्षक का कक्षा 12 में अध्यापन किए जा रहे विषय का बोर्ड परीक्षा परिणाम 70 प्रतिशत अथवा न्यून एवं 10 अध्यापन किए जा रहे विषय का बोर्ड परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत अथवा न्यून रहने पर तथा कक्षा 8 एवं 5 के अध्यापकों (लेवल एक अथवा लेवल दो जो निर्धारित हो) के कक्षा विषय का परीक्षा परिणाम में 40 प्रतिशत या अधिक विद्यार्थियों द्वारा ग्रेड-डी प्राप्त करने पर शिक्षक के विरुद्ध विभाग द्वारा सीसीए नियम-17 के तहत कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। यदि शिक्षक का परीक्षा परिणाम किसी एक परीक्षा (कक्षा 12 एवं 10 में से एक अथवा कक्षा आठ एवं पांच में से एक) अथवा एक विषय (दो या अधिक विषय शिक्षण की स्थिति में) उपयुक्त मानदंड अनुरूप श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम हो परंतु अन्य परीक्षा (कक्षा 12 एवं 10 में से एक अथवा कक्षा पांच एवं आठ में से एक) अथवा अन्य विषय (दो या अधिक विषय शिक्षण की स्थिति में) मानदंड से न्यून हो जिसके लिए उसे सीसीए-17 में नोटिस दिया जा रहा हो तो श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम हेतु प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा।

नामांकन लक्ष्य सम्बन्धी दायित्व- विभाग द्वारा अनुसार नामांकन के लिए सभी विद्यालयों के सत्र 2015-16 से 2017-18 तक के लिए विद्यालयवार नामांकन लक्ष्य निर्धारित किए गए थे जो कि विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। उक्त लक्ष्यों के अनुरूप संस्था प्रधान को विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को नामांकन लक्ष्य निर्धारित कर आवंटित किए गए हैं। जिन शिक्षको द्वारा उक्त लक्ष्य की प्राप्ति समयबद्ध कार्यक्रमानुसार नहीं की गई एवं इससे विद्यालय के नामांकन लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हुई है, ऐसे शिक्षकों के विरुद्ध सीसीए-17 में विभागीय कार्यवाही के प्रस्ताव संस्था प्रधान द्वारा विभाग के सक्षम अधिकारी को प्रस्तावित की जाएगी। जिस पर गुणावगुण के आधार पर सक्षम अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जाएगी । नामांकन लक्ष्य प्राप्त नहीं करने वाले शिक्षकों को अपना गत सत्र का शेष नामांकन लक्ष्य वर्तमान सत्र 2016-17 में प्राप्त करना होगा।

क्रियान्वयन की रूपरेखा-उपयुक्त मानदंडों के अनुसार संस्था प्रधान अथवा शिक्षक को परीक्षा परिणाम एवं नामांकन हेतु प्रमाण’पत्र या कार्यवाही नोटिस देने से पूर्व निम्नांकित तथ्य पर विचार किया जाना अनिवार्य होगा-
>>संस्था प्रधान/शिक्षक का सत्र में संस्था में न्यूनतम ठहराव पांच माह अवश्य हो। शिक्षण व्यवस्थार्थ अथवा अतिरिकत् संचालन हेतु नियुक्त अध्यापक की अवधि भी शिक्षण में सम्मिलित की जाएगी।
>>परीक्षा परिणाम की गणना के लिए पूरक परीक्षा परिणाम को सम्मिलित नहीं किया जाएगा।
>>जिस उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक से अधिक संकाय संचालित है के परीक्षा परिणाम की गणना करते समय दो या अधिक संकायों का कुल परिणाम आकलित किया जाकर गणना की जायेगी।(सभी कक्षा वर्ग में प्रविष्ठ कुल विद्यार्थियों के तुलना में कुल उत्र्तीण विद्यार्थी)

>>यदि एक ही विषय का अध्यापन एक से अधिक अध्यापकों द्वारा विषयखंड के रूप में कराया गया हो (जैसे जीव विज्ञान का पाठ एक अध्यापक द्वारा तथा भौतिक-रसायन संबंधी पाठ अन्य शिक्षक द्वारा) तो परिणाम के लिए दोनों समान रूप से उत्तरदायी होंगे।
>>सानुग्रह उत्तीर्ण विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को विद्यालय एवं शिक्षक के परीक्षा परिणाम में उत्तीर्ण विद्यार्थियों के साथ सम्मिलित किया जाएगा।

सक्षम अधिकारी
>>संस्था प्रधान एवं व्याख्याता को श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम हेतु प्रमाण पत्र संबंधित मंडल अधिकारी द्वारा दिया जाएगा। संस्था प्रधान एवं व्याख्याता के न्यून परीक्षा परिणाम हेतु उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही निदेशालय मध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर द्वारा की जाएगी।

>>वरिष्ठ अध्यापक एवं शिक्षक ग्रेड-ााा को श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम हेतु प्रमाण पत्र संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक/प्रारंभिक) द्वारा दिया जाएगा। वरिष्ठ अध्यापकों के न्यून परीक्षा परिणाम पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही संबंधित मंडल अधिकारी तथा अध्यापक ग्रेड-ााा का परीक्षा परिणाम न्यन है तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक/प्रारंभिक) द्वारा की जाएगी।

समय सारणी
उपर्युक्त परिक्षेत्र में उल्लिखित कक्षाओं के लिए परीक्षा परिणाम एवं नामांकन की प्रक्रिया सामान्यतः जुलाई माह तक संपन्न कर ली जाती है। अतः उपरोक्त मानदंड अनुरूप कार्यवाही निम्नानुसार करने का दायित्व संबंधित अधिकारियों का होगा-
>>श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम देने वाले संस्था प्रधान/व्याख्याता/वरिष्ठ अध्यापक/शिक्षकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करना।
>>संस्था प्रधान द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को सूची मय परिणाम प्रति प्रस्तुत करना 15 नवंबर से पूर्व।
>>संस्था प्रधान एवं व्याख्याता हेतु संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित मंडल अधिकारी को अनुशंसा सहित सूची मय परिणाम प्रति प्रस्तुत करना 15 दिसंबर से पूर्व।
>>संबंधित मंडल एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा परीक्षा परिणाम तैयार हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र संस्था प्रधान को पहुंचाना 15 जनवरी से पूर्व।
>>परीक्षा परिणाम हेतु प्रमाण-पत्र को शाला के गणतंत्र दिवस समारोह में।
>>जिला शिक्षा अधिकारी प्रतिवर्ष श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम देने वाले संस्था प्रधान एवं शिक्षक का नाम राज्य/जिला स्तरीय समारोह में सम्मान हेतु अपनी अभिशंषा सहित पूर्ण प्रस्ताव उचित माध्यम से जिला प्रशासन एवं सामान्य प्रशासनिक सुधार विभाग, राजस्थान को उनके द्वारा जारी परिपत्रों के अनुरूप निर्धारित कार्यक्रम के लिए प्रेषित करेंगे।

न्यून परीक्षा परिणाम हेतु निम्नानुसार कार्यवाही की जानी है-


>>न्यून परीक्षा परिणाम/नामांकन लक्ष्य प्राप्त नहीं करने वाले संस्था प्रधान एवं शिक्षक का निर्धारण 30 जुलाई तक।
>>सक्षम अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करना 10 अगस्त तक।
>>कारण बताओ नोटिस का प्रत्युत्तर प्राप्त करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त तक।
>>विश्लेषण उपरांत आरोप-पत्र जारी करना 10 सितंबर तक।
>>आरोप पत्र का जवाब प्राप्त करना 25 सितंबर तक।
>>व्यक्तिगत सुनवाई 10 अक्टूबर तक।
>>आरोप पत्र पर निर्णय पारित करना 15 अक्टूबर तक।

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