कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट (Composite School Grant)

समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की सामान्य शैक्षिक, सह-शैक्षिक, भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति एवं पुराने उपकरणों के प्रतिस्थापन तथा विद्यालय स्वच्छता एक्शन प्लान हेतु कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिये जाने का प्रावधान है। छात्र हित में विद्यालय की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु इस राशि का उपयोग किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य को बढ़ावा देने के लिये पाठ्य सहगामी क्रियाओं का विकास करना एवं विद्यालयों की दैनिक/भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना है।

यह अनुदान डाइस डाटा 2020-21 के अनुसार राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को देय है जो कि शिक्षा विभाग / पंचायती राज विभाग / केजीबीवी/संस्कृत शिक्षा के विद्यालयों/शिक्षाकर्मी बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों/समाज कल्याण विभाग के अधीन आते हैं। जिला परियोजना कार्यालय द्वारा स्वीकृत सीएसजी राशि का हस्तान्तरण विद्यालयों की विद्यालय प्रबंधन समिति/विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति के बैंक खाते में निर्धारित समयावधि में राशि हस्तान्तरित की जायेगी।

1) वित्तीय प्रावधान :

S.No.Enrollment as per U-DISE 2020-21Composite School Grant per School
11-30Rs.10000 (Including at least Rs. 1000 for Swachhta Action Plan)
231-100Rs. 25000 (Including at least Rs. 2500 for Swachhta Action Plan)
3101-250Rs. 50000 (Including at least Rs. 5000 for Swachhta Action Plan)
4251-1000Rs. 75000 (Including at least Rs. 7500 for Swachhta Action Plan)
5Above 1000Rs.100000 (Including at least Rs. 10000 for Swachhta Action Plan)

मर्ज हुए विद्यालय एवं शून्य नामांकन वाले विद्यालयों को यह अनुदान देय नहीं होगा।

2) कार्य प्रक्रिया :

  1. सर्वप्रथम एसएमसी / एसडीएमसी अपने विद्यालय की वार्षिक आवश्यकताओं का चिह्नीकरण करें एवं लिखित प्रस्ताव प्राप्त करें।
  2. वर्षभर की आवश्यकताओं का वित्तीय अनुमान निर्धारित करें।
  3. एसएमसी / एसडीएमसी के 4 सदस्यों की एक क्रय समिति बनेगी, जिसमें अध्यक्ष एवं सचिव के अतिरिक्त दो अभिभावक सदस्य होंगे।
  4. क्रय की गई सामग्री की गुणवता उच्च स्तर की होनी चाहिए।
  5. सामग्री क्रय कर रोकड़ बही, स्टॉक रजिस्टर, बिल वाउचर्स को सुव्यवस्थित सन्धारित करें।
  6. सीएसजी राशि का उपयोग किया जाकर विद्यालयों द्वारा उपयोगिता प्रमाण-पत्र ब्लॉक कार्यालय को प्रेषित किया जायेगा। ब्लॉक कार्यालय द्वारा समेकित उपयोगिता प्रमाण-पत्र जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय को प्रेषित किया जायेगा। जिला परियोजना समन्वयक जिले का उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यू. सी.) परिषद् कार्यालय को ई-मेल आईडी rajsmsa.asfe@rajasthan.gov.in या smsa.asfe2021@gmail.com पर निर्धारित प्रपत्र के अनुसार प्रेषित करेंगे।

3) विद्यालय स्तर :- कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की राशि का उपयोग निम्न सामग्री क्रय करने / कार्य में आवश्यकतानुसार किया जा सकता है –

क्रसकार्यापयोग विवरण
1दरी पट्टी /दरी।
2परीक्षा सम्बन्धी स्टेशनरी ।
3पेयजल व्यवस्था, विद्युत व्यय पंखा ।
4इन्टरनेट सम्बन्धी कार्य ।
5प्रतियोगिताओं का आयोजन / खेल सामग्री / उपलब्धि प्रमाण-पत्र मुदण
6श्यामपट्ट मरम्मत एवं रंग-रोगन / ग्रीन बोर्ड / आदमकद दर्पण / कार्मिकों का फोटो युक्त विवरण ।
7प्रयोगशाला सम्बन्धी उपकरणों के रखरखाव एवं मरम्मत हेतु
8अन्य उपयोज्य सामग्री यथाः झाडू, मटका, बाल्टी, मग आदि।
9चौक, डस्टर।
10एक दैनिक समाचार पत्र (अनिवार्य)।
11शिक्षण अधिगम सामग्री में उपयोग
12छात्र हित में अन्य आवर्ती खर्च।
13अग्निशमन यन्त्र के सिलेण्डर में गैस भरवाने हेतु ।
14शाला स्वास्थ्य कार्यक्रम में रैफर किये गये विद्यार्थियों को अस्पताल ले जाने का किराया ।
15वार्षिक टूट-फूट मरम्मत व सौंदर्यन (विद्यालय भवन, शौचालय/मूत्रालय व अन्य व्यवस्थाएं ) ।
16विद्यालय के अक्रियाशील उपकरणों के प्रतिस्थापन हेतु ।

विशेष –

• परिषद कार्यालय द्वारा गत सत्र में शिक्षक दैनन्दिनी उपलब्ध करवायी गयी है। पर्यावरण हितों को ध्यान में रखते हुये इसके सभी पृष्ठों का उपयोग करें।

• सत्र 2022-23 में भी शिक्षकों के उपयोग हेतु शिक्षक दैनन्दिनी उपलब्ध करवायी जायेगी।

4) विद्यालय स्वच्छता एक्शन प्लान :- कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट में कम से कम 10 प्रतिशत राशि स्वच्छता एक्शन प्लान के लिए निर्धारित की गई है, जिसका उपयोग निम्न कार्यों हेतु ही किया जा सकेगा :

क्रसकार्यापयोग विवरण
1विद्यालय के शौचालय / मूत्रालयों का नियमित उपयोग एंव रख-रखाव।
2शौचालय / मूत्रालयों की साफ-सफाई व सफाई हेतु वांछित सामग्री यथा ब्रश ऐसिड, टॉयलेट क्लीनर आदि क्रय करने के लिए।
3शौचालय / मूत्रालय की माईनर रिपेयर करवाने के लिए।
4शौचालय / मूत्रालय में रनिंग वाटर सुविधा या पानी की टंकी रखवाने के लिए।
5बालिका शौचालय के साथ डिसपेंसर एवं इन्सीनरेटर रिपेयर के लिए।
6विद्यार्थियों को हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था करने के लिए।
7बेकार पानी तथा सूखे कचरे के निस्तारण की व्यवस्था हेतु ।
8कक्षा-कक्षों एवं विद्यालय परिसर में रखने के लिए कचरा पात्र क्रय/ तैयार करने हेतु।
9पेयजल स्त्रोत की रिपेयरिंग कराने के लिए।
10सैनेटाईजर, साबुन
11परिषद कार्यालय आदेश क्रमांक संस्कृशिप / जय/वैशि/2020-21/12925 दिनांक 13.07. 2020 के अनुसार कोविड-19 के बचाव हेतु सुरक्षा एवं स्वच्छता पर राशि व्यय करना सुनिश्चित करें।

नोट:- उक्त कार्यों के अलावा अन्य कार्यों में उक्त राशि का उपयोग नहीं किया जाये। अति आवश्यक होने पर परिषद् की पूर्वानुमति से उक्त राशि में बचत होने पर अन्य कार्यों में उपयोग किया जा सकेगा।

4.1) कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट राशि का निम्न मदों में व्यय नहीं किया जाये –

  1. फर्नीचर क्रय हेतु (छात्र / प्राधानाध्यापक कक्ष / स्टाफ रूम फर्नीचर क्रय नहीं किया जाये)।
  2. जलपान आदि पर।
  3. उत्सव मनाना अथवा उत्सव आयोजन के फोटो खिंचवाना ।

5) ध्यान देने योग्य बिन्दु

  1. कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट से क्रय की जाने वाली सामग्री क्रय में राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013 की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाये।
  2. सामग्री क्रय करते समय राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद्, जयपुर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुये विद्यार्थी हित एवं विद्यार्थी आवश्यकता को प्राथमिकता दी जावे।
  3. क्रय की गई सामग्री का उचित रखरखाव करते हुये वर्ष पर्यन्त उपयोग सुनिश्चित किया जाये।
  4. विद्यालय अवलोकनकर्ता अधिकारी अवलोकन के दौरान कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट के सार्थक उपयोग का भी अवलोकन करें एवं प्रतिवेदन में इसका उल्लेख करें।
  5. आईसीटी लैब को प्राथमिकता से क्रियाशील बनाना।

6) दायित्व अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय :

  1. राज० स्कूल शिक्षा परिषद से राशि प्राप्त होने के 10 (दस) दिवस में राशि का हस्तान्तरण करवाना सुनिश्चित करें एवं विद्यालय स्तर तक की पहुंच सुनिश्चित करने हेतु व्यक्तिशः मॉनीटरिंग करें। विलम्ब की स्थिति में परिषद कार्यालय अथवा निदेशालय स्तर से की जाने वाली कार्यवाही के लिये सम्बन्धित अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे।
  2. राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद से कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की प्राप्त राशि को नामांकन अनुसार विद्यालयों को हस्तान्तरित करना।
  3. विद्यालयों को जारी की गयी राशि एवं दिनांक से विद्यालयों को अवगत करवाना ताकि संस्था प्रधान द्वारा का उपयोग यथा समय किया जा सके।
  4. कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की राशि का विद्यालय स्तर पर छात्र छ‌ात्राओं के हित में उपयोग करवाना।
  5. पीईईओ / यूसीईईओ से राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र सीबीईओ के माध्यम से प्राप्त करना ।
  6. जिले का कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट का उपयोगिता प्रमाण-पत्र राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद को प्रेषित करना।

7) दायित्व सीबीईओ कार्यालय :

  1. जिला कार्यालय से प्राप्त राशि को दस दिवस में ब्लॉक के समस्त विद्यालय की एसएमसी / एसडीएमसी को हस्तान्तरित करना। विलम्ब की स्थिति में परिषद कार्यालय अथवा निदेशालय स्तर से की जाने वाली कार्यवाही के लिये सम्बन्धित अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे।
  2. वित्तीय वर्ष 2022-23 में कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की राशि का विद्यालय स्तर पर छात्र हित में समस्त राशि का उपयोग करवाया जाना सुनिश्चित करना।
  3. विद्यालय स्तर पर राशि के उपयोग की मॉनीटरिंग करना।
  4. ब्लॉक के समस्त पीईईओ / यूसीईईओ से वित्तीय वर्ष 2022-23 की सम्पूर्ण राशि के उपयोग का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय को प्रेषित करना।

8) दायित्व पीईईओ / यूसीपीईईओ (सीआरसी) कार्यालय :

1. अधीनस्थ विद्यालयों द्वारा कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट राशि का दिशा-निर्देशों अनुसार विद्यार्थी हित में उपयोग करवाना एवं विद्यालयों को जारी राशि के उपयोग की सतत् मॉनीटरिंग करना।

2. वित्तीय वर्ष 2022-23 पीईईओ विद्यालय एवं यूसीईईओ के अधीनस्थ विद्यालयों से कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की सम्पूर्ण राशि के उपयोग का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सीबीईओ कार्यालय को प्रेषित करना।

9) दायित्व विद्यालय संस्थाप्रधान :

  1. विद्यालय की एसडीएमसी/एसएमसी से विद्यालय की सुविधाओं के लिए आवश्यकताओं का चिन्हीकरण कर लिखित में प्रस्ताव प्राप्त करना एवं वर्षभर की आवश्यकताओं का वित्तीय अनुमान निर्धारित करना ।
  2. एसडीएमसी / एसएमसी के 4 सदस्यों की क्रय समिति बनाना। इसमें अध्यक्ष एवं सचिव के अतिरिक्त 2 अभिभावक सदस्य हों तथा क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ता उच्च स्तर की होना सुनिश्चित करना।
  3. सामग्री क्रय कर रोकड़ बही स्टॉक रजिस्टर, बिल वाउचर को सुव्यवस्थित संधारित करना ।
  4. वित्तीय वर्ष के अंत में कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की समस्त राशि के उपयोग का उपयोगिता प्रमाण-पत्र पीईईओ / यूसीईईओ कार्यालय को प्रेषित करना।

10) लेखा सम्बन्धी बिन्दु :

  1. इस मद में निर्धारित बजट सीमा से अधिक व्यय नहीं किया जाये। निर्धारित सीमा से अधिक व्यय किये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाकर वसूली की जाएगी। क्रय हेतु वित्तीय नियमों का ध्यान रखा जाये।
  2. किये गये व्यय का निर्धारित समयावधि में उपयोगिता प्रमाण पत्र दिया जाकर समायोजन सुनिश्चित करवाया जाये। बचत राशि को उपयोगिता प्रमाण पत्र के साथ वापिस भिजवाया जाना सुनिश्चित किया जाये।
  3. राशि का उपयोग गतिविधि व शिक्षा मंत्रालय के दिशा निर्देशानुसार एवं वित्तीय नियमों की पूर्ण पालना करते हुये विहित प्रक्रियानुसार किया जाना सुनिश्चित करें।
  4. क्रय की जाने वाली सामग्री में “राजस्थान लोक उपापन में पादरर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013” की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाये।

You missed